दोस्ती और सांप्रदायिक सौहार्द की कुर्बानी दे देने वाले असद को Police ने मार गिराया है।
उल्लेखनीय है कि बकरीद के दिन गाजियाबाद में 17 वर्षीय सूर्या को उसके कथित Friend असद ने बुलाया था। असद ने कहा कि क्या तुमने कभी कुर्बानी देखी है कि ये कैसे की जाती है? सूर्या ने कहा कि नहीं, तो असद ने उसे बुलाया कि आओ, तुम्हें दिखाते हैं।
भोला-भाला सूर्या असद की चाल को न पढ़ सका और लापरवाही में उसके पास चला गया। और फिर वो हुआ जिससे इंसानियत शर्मसार हो गई। बकरीद के दिन ही असद ने निरीह, निर्दोष सूर्या को चाकू घोंपकर मार डाला।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इतनी बेरहमी से चाकू मारे गए कि सूर्या की आँतें बाहर आ गईं। उसने बचकर भागने की कोशिश की, पर ज्यादा Blood बहने से भाग नहीं पाया और रास्ते में ही गिर गया।
जब ये बात सूर्या के Family Members को पता चली तो वे भागे-भागे आए और सूर्या को Hospital ले गए, पर देर हो चुकी थी। बेचारा सूर्या Friendship के जाल में फँसकर दम तोड़ चुका था।
सूर्या की माँ का रो-रोकर बुरा हाल है। वो बोलीं कि यही बेटा उसका सहारा था। दूसरा बेटा Divyang है। अब मैं किसके सहारे जिऊँगी।
सूर्या की माँ ने Government से मांग की थी कि उसके बेटे के आरोपी असद को भी मार गिराया जाना चाहिए। और आज UP Police ने सूर्या की माँ को न्याय दिला दिया। असद Encounter में मारा गया।
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ये सोंचते हैं हम, मरने से पहले ..
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