पाकिस्तानी उस्मान ख्वाजा ऑस्ट्रेलिया cricket team से retire हुआ है- ढेर सारे international matches खेलने के बाद, Australian wife पाने के बाद, करोड़पति बनने के बाद- फर्श से अर्श तक जाने के बाद, ख्वाजा ने अपनी farewell speech में कहा- मेरे साथ discrimination हुआ, क्योंकि मैं गोरा नहीं हूँ, मोमिन हूँ, आदि आदि।
ख्वाजा के इस behaviour पे काफ़ी कुछ लिखा जा चुका है- कि वो अहसान फ़रामोश है, आदि आदि। वो सब फिर से लिखना बेमानी है।
ख्वाजा के अम्मी अब्बू बेहद मुफलिसी में पाकिस्तान से ऑस्ट्रेलिया आए, poverty line से ऊपर उठे। लड़के ने मुल्क की team में जगह बनाई- साथी cricketers ने उसके religion का लिहाज़ रखा। लंबे अरसे तक वो खेल गया।
पाकिस्तान में अब तक दो Hindu cricketers खेले है, पाँच Christian खेले है जिस में यूसुफ़ योहाना ने खेलते समय अपना religion बदल लिया। इन ग़ैर मोमिन खिलाड़ियों के साथ क्या क्या हुआ- सब को मालूम है। इनके साथ बैठ कोई खाना तक खाने को राजी ना था।
Usman Khawaja से पूछा जाना चाहिए- तुमने अपनी farewell speech में ख़ुद को proud Pakistani कहा है। तुम्हारे मुल्क में ग़ैर मज़हबी खिलाड़ियों की कितनी संख्या रही है और उनके साथ क्या क्या हुआ- मालूम है? मौजूदा टीम में कितने ऐसे खिलाड़ी है? और सबसे बड़ी बात- कितने खिलाड़ियों को तुम्हारा मुल्क अपने पास बसाएगा और अपनी लड़की देगा , साथ में मौके भी देगा।
पाकिस्तान से जाकर दूसरे मुल्कों में खेलने वाले players बहुतेरे है- मसलन इमरान ताहिर , साउथ अफ्रीका के लिए खेला, सिकंदर रजा ज़िम्बावे से खेल रहा है, ऑस्ट्रेलिया में ही और भी खूब खिलाड़ी है।
ख्वाजा ने कुछ नया नहीं किया, कुछ नया नहीं कहा। gratitude दिखाना, एहसान मानना, शुक्रगुज़ारी ,आभार प्रकट करना – ये जुमले इनको आते ही नहीं।
ज़्यादा दूर क्यों जाएँ?मोहम्मद अज़हरुद्दीन को हिंदुस्तान ने क्या नहीं दिया—नाम, कप्तानी, शोहरत।
और जब time बदला, उसने भी वही card खेला जो आज ख़्वाजा खेल रहा है। जो कल कोई और खेलेगा।
वेल प्लेड Usman Khawaja- तुमने सुनिश्चित कर दिया आगे से ऑस्ट्रेलिया में किसी भी ब्राउन स्किन वाले को आसानी से मौक़ा ना मिले!
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Writer’s Bio:
Mann Ji is a US-based NRI with a deep interest in history and global affairs. Writing is his passion, through which he explores power, politics, and the hidden patterns of the past, presenting complex events in a sharp, thought-provoking narrative style.


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