ताज़ा ख़बर ये है कि अमेरिका ने Venezuela पे हमला बोल वहाँ के राष्ट्रपति मदुरो को गिरफ़्तार कर लिया और न्यूयॉर्क ले आए है। थोड़ी देर में प्रेस कांफ्रेंस होगी और सब अपडेट्स दिए जाएँगे।
हमला होने की वजह अनेक बताई जा रही है- मसलन- मदुरो ने चीनी डेलीगेशन से मुलाक़ात की थी; अमेरिकी तेल कंपनी का लाइसेंस रद्द कर दिया था, Venezuela से काफ़ी प्रतिबंधित सब्सटांस अमेरिका में भेजा जा रहा था, आदि आदि। जितने मुंह उतनी बातें।
ये अदावत नई नहीं है- कई वर्षों से चल रही थी। बस इतना बड़ा एक्शन नहीं हुआ था- आज हो गया।
इस खबर पे अमेरिका में विपक्ष का कहना है- सदर साब ने संसद में बिना कोई एकमत लिए ये हमला बोला है और ये हमला असंवैधानीक है- ऐसा नहीं करना चाहिए था, ये गैरकानूनी है। एक धड़ा ये कहता है- किसी आज़ाद मुल्क के राष्ट्रपति को हम कैसे गिरफ़्तार कर सकते है।
इस बात पे छोटे बुश और बड़े बुश साब खींसे निपोड़ कर कहते है- ये कांड तो केवल हम कर सकते है और कोई नहीं।
इस गिरफ़्तारी पे Venezuela के अनेक लोग जो मदुरो के विरुद्ध थे, ख़ुश है। कहते है तानाशाही और फ़ौजी रूल से मुक्ति मिली। अच्छा हुआ पकड़ा गया, ट्रम्प को धन्यवाद भी दिया जा रहा है।
Venezuela की उप राष्ट्रपति जी का कहना है- अमेरिका को सुबूत देना होगा कि मदुरो अभी भी जीवित है। उनकी बीवी भी सुरक्षित है।
अमेरिका में सत्ताधीश दल के समर्थक खुश है- कहते है- जो देश हम पे दादागिरी दिखाएगा,उसका यही हश्र होना चाहिए।
कुल मिला कर दोनों देशों में दोनों पक्षधर मौजूद है।
इस पे बस इतना ही कहा जा सकता है- जिसकी लाठी उसकी भैंस।
अमेरिका आज भी दुनिया का दादा है, जिससे कोई पंगे ना ले तो ही भलाई है।
https://www.bbc.com/news/live/c5yqygxe41pt
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Writer’s Bio:
Mann Ji is a US-based NRI with a deep interest in history and global affairs. Writing is his passion, through which he explores power, politics, and the hidden patterns of the past, presenting complex events in a sharp, thought-provoking narrative style.
















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