मद्रास हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
मद्रास हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में 3.93 एकड़ मंदिर की जमीन को बहाल कर दिया है, जिसे 1994 में अवैध रूप से बेच दिया गया था।
तमिलनाडु सरकार का HRCE विभाग और मंदिरों की जमीन
तमिलनाडु सरकार में एक मंत्रालय है
Hindu Religious and Charitable Endowments Department (TN HRCE)
इस सरकारी विभाग के पास तमिलनाडु के सभी हिंदू मंदिरों का कब्जा है और यही हिंदू मंदिरों की जमीनों को बेचने का निर्णय लेता है और इसी संस्थान ने पहले भी कई हिंदू मंदिरों की जमीनों को बेचा है

कोर्ट का निर्णय और जमीन की बहाली
कोर्ट ने मंदिर प्रशासन बोर्ड की कार्रवाई को गैरकानूनी ठहराया है और जमीन को मंदिर को वापस करने का आदेश दिया है।
जमीन की वर्तमान स्थिति और अवैध कब्जे
यह जमीन वर्तमान में लगभग 110 करोड़ रुपये की है और इस पर 90 से अधिक लोगों ने कब्जा कर रखा है, जिन्होंने वहां घर और मस्जिद भी बना ली है।

मीडिया की चुप्पी पर सवाल
हैरानी की बात है कि मीडिया ने इस खबर को कवर नहीं किया है
मंदिर संपत्ति की सुरक्षा पर कोर्ट का रुख
इस फैसले से मंदिर की संपत्ति की सुरक्षा और अवैध कब्जों को हटाने में मदद मिलेगी। मद्रास हाई कोर्ट ने पहले भी मंदिरों की जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ कई फैसले दिए हैं और मंदिर प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे मंदिर की संपत्तियों की रक्षा करें।
उठते हुए महत्वपूर्ण सवाल
- क्या इस फैसले के बाद मंदिर प्रशासन जमीन को वापस लेने के लिए कोई कार्रवाई करेगा?
- क्या इस मामले में और भी लोगों पर कार्रवाई हो सकती है जिन्होंने अवैध रूप से मंदिर की जमीन पर कब्जा किया है?


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लेखक परिचय:
जितेंद्र सिंह सोशल मीडिया पर अत्यंत सक्रिय और चर्चित राइट विंग लेखक माने जाते हैं। उनकी लेखनी तथ्य, ठोस जानकारी और तुलनात्मक अध्ययन पर आधारित होती है, जिसमें ऐतिहासिक, राजनीतिक और सामाजिक विषयों का गहन विश्लेषण देखने को मिलता है। वे जटिल मुद्दों को तार्किक और प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।









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