जब पीसी आया, तो CPU ही राजा था।
और CPU का मतलब था — Intel।
इंटेल उस दौर में चिप्स का भगवान था। जितना ताक़तवर प्रोसेसर, उतना बेहतर कंप्यूटर। गेमिंग, ऑफिस, सर्वर — सब कुछ CPU के इर्द-गिर्द घूमता था।
फिर गेमिंग आया।
बेहतर ग्राफ़िक्स की ज़रूरत पड़ी।
एक छोटी सी कंपनी आई — NVIDIA
काम? सिर्फ़ ग्राफ़िक कार्ड बनाना।
इंटेल भी ग्राफ़िक्स बनाता था, लेकिन उसे यह धंधा छोटा लगता था।
टाइपिकल सोच — “छोटा आदमी है, ग्राफ़िक्स बनाकर गुज़ारा कर लेगा, हमें क्या।”
असल कहानी यहाँ से शुरू होती है।
AI कोई नई चीज़ नहीं है।
इसके सिद्धांत 1960 के दशक में ही लिखे जा चुके थे।
समस्या दिमाग़ की नहीं, मशीन की थी।
CPU अपनी परिभाषा में ही सीमित है —
वह कम काम करता है, लेकिन बहुत जटिल और शक्तिशाली काम करता है, एक-एक करके।
AI को चाहिए था कुछ और —
लाखों काम एक साथ।
मासिव पैरलल प्रोसेसिंग।
यहीं पर NVIDIA ने वह चीज़ समझ ली जो Intel नहीं समझ पाया।
GPU का काम ही यही होता है —
हज़ारों, लाखों छोटे-छोटे टास्क एक साथ करना।
शुरुआत में लगा कि ये सब गेमिंग के लिए है।
असल में NVIDIA चुपचाप AI के लिए हार्डवेयर बना रहा था।
फिर वह दिन आया जब GPU इतने ताक़तवर हो गए कि
वे AI मॉडल्स चलाने के लिए परफेक्ट हो गए।
तब समीकरण पलट गया।
अब CPU सिर्फ़ सिस्टम स्टार्ट करने के लिए चाहिए था।
असल काम GPU कर रहा था।
और हर AI कंपनी — OpenAI से लेकर Google, Meta तक —
NVIDIA के GPU पर दौड़ रही थी।
Intel देखता रह गया।
जिस कंपनी के प्रोसेसर पर NVIDIA निर्भर था,
उसी कंपनी को NVIDIA ने अप्रासंगिक बना दिया।
Intel अवसर चूक गया, NVIDIA इतिहास बन गया।
Intel और NVIDIA मामले से सबक सीधा है —
जो भविष्य को समझता है, वही राजा बनता है।
जो वर्तमान में आराम करता है, वह इतिहास पढ़ता है।
CPU ने कंप्यूटर को चलाया।
GPU ने इंसान की सोच की गति बदल दी।
और यही वजह है कि आज AI की दुनिया में
Intel पीछे है और NVIDIA सबसे आगे।
विज्ञान व तकनीकी मे और पढ़ें : https://inkindianews.com/some-pages-of-history-are-meant-to-remain-missing/
बाहरी कड़ियाँ: https://nvidianews.nvidia.com/news/nvidia-and-intel-to-develop-ai-infrastructure-and-personal-computing-products

Nitin Tripathi is an entrepreneur, software engineer, educator, and writer with a modern yet rooted perspective on life and technology. A graduate of Kamla Nehru Institute of Technology, he is the founder of Om Solutions, where innovation meets practical problem-solving.
A passionate runner and a devoted family person, Nitin believes in balance—between work and wellness, tradition and progress.







Leave a Reply